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कोरोना वायरस स्टोरी

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  कोरोना वायरस संघर्ष की बेहद डरावनी हैं ये तीन कहानियां: चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस संक्रमण लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है. हर रोज़ मौत के आंकड़े सैकड़ों की संख्या में बढ़ जाते हैं और हज़ारों की संख्या में संक्रमितों के. पूरी दुनिया में इस वायरस के कारण डर का माहौल है लेकिन इन सबके बीच उम्मीद की बात सिर्फ़ इतनी है कि बहुत से मामलों में लोग ठीक भी हुए हैं. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़, कोविड 19 से जहां अभी तक 48 हज़ार लोगों के मौत की पुष्टि हुई है वहीं क़रीब एक लाख 95 हज़ार से अधिक मामलों में लोग ठीक भी हुए हैं. कोरोना वायरस से संक्रमित हर शख़्स का एक अलग अनुभव है. कुछ में इसके बेहद सामान्य या फिर यूं कहें कि बेहद कम लक्षण नज़र आए थे तो कुछ में यह काफी गंभीर था. और कुछ तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें लक्षण वो थे ही नहीं जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग सचेत करता रहा है. लेकिन एक बार ये पता चल जाए कि आप संक्रमित हैं तो अस्पताल जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता. हमने तीन ऐसे लोगों से बात की जिन्हें संक्रमित पाया गया और उन्हें...

कोरोना संक्रमण

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कोरोना संक्रमण आने वाले दिनों में हो सकता है ज़्यादा ख़तरनाक ? अमरीका में एक व्यक्ति को दो बार कोरोना का संक्रमण हुआ . डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक़ , दूसरी बार हुआ संक्रमण ज़्यादा ख़तरनाक था . 25 साल के इस शख़्स को फेफड़ों में पर्याप्त ऑक्सीज़न नहीं मिल पा रहा था , तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा . हालांकि , अब वे ठीक हो चुके हैं . दोबारा संक्रमण के मामले बहुत कम ही सामने आ रहे हैं , लेकिन लैंसेट के एक अध्ययन में यह सवाल खड़ा किया गया है कि ' आख़िर वायरस के ख़िलाफ़ कितनी इम्यूनिटी तैयार हो सकती है ?' मौजूदा मामले में अमरीका के इस शख़्स को कोई ऐसी ज्ञात स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं थी , जो उन्हें ख़ासतौर पर कोरोना संक्रमित होने के जोख़िम में डालती .   इस मामले में कब - क्या हुआ : 25 मार्च  - लक्षण दिखने का शुरुआती दौर जिसमें गले में ख़राश , खाँसी , सिरदर्द , जी मिचलाना और डायरिया हुआ . 18 अ...

बिहार की बेटी

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  बिहार :  बेटी बन गयी जज   पिता   थे कोर्ट मे चपरासी अर्चना कुमारी ने 2018 में हुई 30 वीं बिहार न्यायिक सेवक परीक्षा में सफलता हासिल की है . " हम लोगों का परिवार एक कमरे के सर्वेंट क्वॉर्टर में रहता था और हमारे क्वॉर्टर के आगे जज साहब की कोठी थी . पापा दिन भर जज साहब के पास खड़े रहते थे . बस वही कोठी , जज को मिलने वाला सम्मान और मेरे सर्वेंट क्वॉर्टर की छोटी सी जगह मेरी प्रेरणा बनी ." 34 साल की अर्चना के पिता सोनपुर रेलवे कोर्ट में चपरासी के पद पर थे . और अब उनकी बिटिया अर्चना कुमारी ने 2018 में हुई 30 वीं बिहार न्यायिक सेवक परीक्षा में सफलता हासिल की है . बीते नवंबर के आख़िरी हफ़्ते में घोषित नतीजों में अर्चना को सामान्य श्रेणी में 227 वां और ओबीसी कैटेगरी में 10 वीं रैंक मिली है . बीबीसी से फ़ोन पर बात करती अर्चना की आवाज़ में ख़ुशी , बेहद साधारण परिवार से निकलकर बड़ी उपलब्धि हासिल करने का गर्व , विनम्रता , सब कुछ महसूस...